Sunday, April 27, 2008

जीवन की पहली शिक्षा


मनुष्य जात को हमेशा , हर वक्त इतना काम चाहिए की वो सुकून से , आराम से रात को सो सके और अपने आप को समाज के फुतूर और खुराफातों से बचा सके | यदि इंसान के पास काम नहीं होगा तो वो खुराफात सुनेगा , खुराफात सोचेगा और खुराफात करेगा | इसलिए तुम्हारे पास जो भी छोटा बड़ा काम है , जो की तुम्हें इज्ज़त की दो रोटी खिलाता है और तुम्हें सुकून से सुलाता है , चाहे वो सो कॉल्ड बहुत आचा काम न हो , उस को दिल से करो और ऊपर वाले का शुक्र अदा करो | अगर तुम्हें लगता है की तुम्हें कुछ और करना चाहिए तो काम की तलाश करो लेकिन अपने आज के काम को बुरा भला मत कहो |
नहीं कोई काम हो टू काम निकालो , दोस्तों से व्यक्तिगत रूप से मिलने जाओ लेकिन पॉइंट ये है की हमेशा व्यस्त रहो क्यूंकि खाली दिमाग शैतान का घर !!
ये मेरे जीवन की पहली शिक्षा है जो मैंने बचपन में सीखी थी लेकिन मैं फिर मैं भूल गया | मैं कोशिश करूंगा की मैं इसे हमेशा इसे याद रखूँ | और मैं उस आद्मिन का लाख लाख सुख्र्गुजार हूँ की उसने मुझे ये सिखाया , व्यक्तिगत कारणों से मैं उनके बारे में नहीं बता सकता |
धन्यवाद
साबिर